Upendra Singh 'suman'

Bronze Star - 2,988 Points (03-06-1972 / Azamgarh)

राजनीति के घाघ खिलाड़ी - Poem by Upendra Singh 'suman'

राजनीति के घाघ खिलाड़ी खेल रहे हैं खेला.
मीटिंग, रोड- शो, डिनर, लंच का मचा है रेलमरेला.
छल-प्रपंच, और दांव-पेंच सब लोकतंत्र पर भारी.
जोड़-तोड़ और सांठ-गांठ में शातिर बड़े जुआरी.
बहुरूपियों के बीच 'सुमन' भारत है मेरा अकेला.
राजनीति के घाघ खिलाड़ी खेल रहे हैं खेला.
- उ.सिं.'सुमन'

Topic(s) of this poem: politics

Form: ABC


Comments about राजनीति के घाघ खिलाड़ी by Upendra Singh 'suman'

  • (12/5/2015 3:32:00 AM)


    Real thing on Indian politics (Report) Reply

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Poem Submitted: Tuesday, December 1, 2015



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