मगरमच्छ Poem by Upenddra Singgh

मगरमच्छ

मित्रों,
शोध के प्रति मेरा गहरा रूझान रहा है. पत्नी डा. रेनू सिंह(पी-एच.डी.) , आदरणीय डा. आर.एन. प्रसाद(डी. लिट्) आदि लोगों के शोध कार्यों में भी सहयोग किया..............खैर मगरमच्छ नामक भयंकर प्राणी पर केन्द्रित यह मेरा अपना ताज़ा-तरीन और नाय़ाब शोध है, जिसका निष्कर्ष आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ –

हाँ, तो मित्रों
मेरे नवागत शोध ने
मुझे यह गूढ़ तथ्य भलीभांति समझाया है
और बखूबी बताया है कि –
मगरमच्छ नामक भयंकर प्राणी की
दो प्रजातियाँ होती हैं
एक जल में
तो दूसरी ज़मीन पर रहती है
और उसे ही
ये भोली दुनियाँ नेता कहती है.

उपेन्द्र सिंह ‘सुमन’

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Azamgarh
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