विकास के नाम पर पर्यावरण को जो नुक्सान पहुंचाया जा रहा है और उसका आने वाली पीढ़ियों पर क्या असर पड़ेगा, इस सब पर आपकी कविता में रोचक अंदाज़ में कटाक्ष किया गया है. धन्यवाद. एक उद्धरण:
मुन्ना....बोला -दादा / मेरे जिगर में अपने विकास की कटार क्यों गोद रहे हो? / मेरे आने से पहले ही मेरी कब्र क्यों खोद रहे हो........? ?
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विकास के नाम पर पर्यावरण को जो नुक्सान पहुंचाया जा रहा है और उसका आने वाली पीढ़ियों पर क्या असर पड़ेगा, इस सब पर आपकी कविता में रोचक अंदाज़ में कटाक्ष किया गया है. धन्यवाद. एक उद्धरण: मुन्ना....बोला -दादा / मेरे जिगर में अपने विकास की कटार क्यों गोद रहे हो? / मेरे आने से पहले ही मेरी कब्र क्यों खोद रहे हो........? ?