Sunday, January 3, 2016

मेरी कब्र क्यों खोद रहे हो Comments

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आज सुबह एक सपना देखा,
सपने में मेरे नहें-मुन्ने पौत्र ने
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Upenddra Singgh
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Rajnish Manga 03 January 2016

विकास के नाम पर पर्यावरण को जो नुक्सान पहुंचाया जा रहा है और उसका आने वाली पीढ़ियों पर क्या असर पड़ेगा, इस सब पर आपकी कविता में रोचक अंदाज़ में कटाक्ष किया गया है. धन्यवाद. एक उद्धरण: मुन्ना....बोला -दादा / मेरे जिगर में अपने विकास की कटार क्यों गोद रहे हो? / मेरे आने से पहले ही मेरी कब्र क्यों खोद रहे हो........? ?

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Kumarmani Mahakul 03 January 2016

Wonderful dream you have seen today's morning. Very fantastic sharing done definitely.10

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Upenddra Singgh

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Azamgarh
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