आज वक़्त ऐसा आया कि Poem by Ahatisham Alam

आज वक़्त ऐसा आया कि

आज वक़्त ऐसा आया कि
लोगों की ज़मीन मुझसे भारी हो गई
आज वक़्त ऐसा आया कि
तन्हाई लोगों को मेरे साथ से ज़्यादा प्यारी हो गई

आज वक़्त ऐसा आया कि
दुनिया मुझसे नफरत करती है
आज वक़्त ऐसा आया कि
हर ख़ुशी मेरे पास आने से डरती है

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