Thursday, November 10, 2016

वो आँखों के रास्तों से मेरे दिल में आने लगे हैं Comments

Rating: 0.0

आकर तितलियां मेरी गालों पे बैठने लगीं हैं।
झुर्रियां का फेरा समेटने लगीं हैं।
कुछ मधुकर मेरे कानों को गीत सुनाने लगे हैं।
ये मेंढ़क भी मेरी चौखट पर टर मारने लगे हैं।
...
Read full text

prem kumar gautam
COMMENTS
prem kumar gautam

prem kumar gautam

farrukhabad(UP) India
Close
Error Success