इतनी जिंदगी कितनी जिंदगी
जिंदगी संग जी ली उतनी जिंदगी
ए री जिंदगी किसकी जिंदगी
मेरी नही तेरी नही
जिसने जी भर जी ली
उसकी हुई जिंदगी
ऐसी जिंदगी कैसी जिंदगी
जुगनू सी टिमटिमाती जगमग जिंदगी
रेशमी धागों सी उलझी रंग बिरंगी जिंदगी
ए री जिंदगी कहां है जिंदगी
बरबस जिंदगी चंचल जिंदगी
जहां नजर जाए हर पल है जिंदगी
ए री जिंदगी कह री जिंदगी
कब तक रहेगी जिंदादिल जिंदगी
जिंदादिल जिंदगी प्यारी जिंदगी
जब तक हवा और आब हैं
जब तक तुम्हारे कल और आज हैं
सिर पर हौसलों का ताज है
तब तक रहेगी तुम्हारी ये जिंदगी
***
This poem has not been translated into any other language yet.
I would like to translate this poem