अजीब इत्तेफ़ाक़ होगा Poem by Ahatisham Alam

अजीब इत्तेफ़ाक़ होगा

अजीब इत्तेफ़ाक़ होगा कि सहरा में चमन हो
और उसमें हो फूल खिले
बड़े नाउम्मीद होकर गुज़रे थे हम आपकी गली से
और आप मिले।

मुमकिन है कि मनसूब हों दिल
और नज़रों से बात हो
हम आपके हो आप हमारे हों
फिर भी ना मुलाक़ात हो।

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14/06/2001 10: 45AM
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