Saturday, March 14, 2020

जय कोरोना बाबा की Comments

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जैसे हाजीजी उलझे अपनी दाड़ी में,
हम उलझ गए मामू की शादी में।
चारों ओर फुहारें थीं, डेटॉल और सेवलोन की,
उनकी महक से सांसे तो धड़्क रहीं थी,
...
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Dr. Yogesh Sharma
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