Tuesday, May 22, 2018

चार ग़ज़लें सम्प्रेषण से (१.ये छाया ने क्या मात खायी है यारो, २.जलते हुए दिवस का अहसास ज़िन्दगी है, ३.लिखते थे आँखों देखी जो समाचार में, ४.मुर्दो से हैं ये इन्सां जिनको जगा रहे हैं,) Comments

Rating: 0.0

1.
ये छाया ने क्या मात खायी है यारो,
कड़ी धूप माथे पे छायी है यारो।
...
Read full text

Ved Mitra Shukla
COMMENTS
Close
Error Success