हमार देशवा ह दुनियाँ क सिंगार गोरी ना.
हउवे कोटि-कोटि कंठन क हार गोरी ना.
पर्वत हिमालय जेकर करें हो रखवारी.
ओकर जमनवा ई का हो बिगारी.
छिपल शक्ति हउवे हिन्द में अपार गोरी ना.
भोरवे सूरज जेकर आरती उतारेंलंय.
सागर महान जेकर पाँव हो पखारेलंय.
एकर महिमा हउवे बहुते अपार गोरी ना.
जहाँ हो जनम लिहलंय राम अउर सीता.
लोगवा सुनेलं जहाँ रामायण गीता.
गंगा जमुना क लहरे जहाँ धार गोरी ना.
इतिहास जेकर बड़ाई हो गावेलंय.
वेद अउर पुराण जेकर कथा हो सुनावेलंय.
‘सुमन' गावें जेकर गीत अउर मल्हार गोरी ना.
बिस्मिल भगत जेपर जान हो लुटवलयं.
खुदीराम कुँवर सिंह शीश हो चढवलयं.
लड़बंय हमहूँ हो लड़ईया आर-पार गोरी ना.
राणा शिवाजी अउर झांसी क रानी.
केकर-केकर गाथा ये गोरिया बखानी.
दिहल जिनगी ई उनकर उधार गोरी ना.
- उपेन्द्र सिंह ‘सुमन'
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