हाँ ये सच है कि अब तो ये साल बदलने वाला है। Poem by Ahatisham Alam

हाँ ये सच है कि अब तो ये साल बदलने वाला है।

हाँ ये सच है कि अब तो
ये साल बदलने वाला है
मैं कल भी एक दरिया था
मैं अब भी एक समन्दर हूँ
कब मेरा भला कुछ
हाल बदलने वाला है
हाँ ये सच है कि अब तो
ये साल बदलने वाला है।

Wednesday, December 26, 2018
Topic(s) of this poem: love
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