जब से में तुझसे मनसूब हुआ Poem by Ahatisham Alam

जब से में तुझसे मनसूब हुआ

जब से मैं तुझसे मनसूब हुआ
दिल में तमाशा क्या ख़ूब हुआ
कोई और दिल को मरगूब नहीं हुआ
जब से तू मेरा महबूब हुआ।

Friday, January 4, 2019
Topic(s) of this poem: love
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