Shashikant Nishant Sharma

Rookie - 133 Points (03 September,1988 / Sonepur, Saran, Bihar, India)

कौन पूछता है किसको - Poem by Shashikant Nishant Sharma

कौन पूछता है किसको
'साहिल' कहता है सबको
जब तक है हम साथ
हम दोस्त कहते है तुमको
छुट जाने पर आपना हाथ
कौन पूछता है किसको
जरुरत पे कर लेते है बात
समय पर सब गधा को भी कहते है बाप
दिन ढले बीते रात
कौन पूछता है किसको
दुसरो का करवा कर हानी
ख़ुशी मिलती है सबको
सब है यहाँ अभिमानी
कौन पूछता है किसको
हर वक़्त रहते मस्ती में
कभी पार्टी कभी डिस्को
हर लोग दुखी है बस्ती में
कौन पूछता है किसको

{This was poem was written during the winter season of 2003 when I started writing poetry in full swing.}

Shashikant Nishant Sharma 'साहिल'

======©SNS==2 December 2003==@New Delhi=====


Comments about कौन पूछता है किसको by Shashikant Nishant Sharma

  • (5/26/2012 6:09:00 AM)


    Good portrayal of selfish world... (Report) Reply

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Poem Submitted: Friday, May 25, 2012



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