Friday, September 5, 2014

राजनिती को इस धरती से दफा कर दो Comments

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हैं नहीं हो रहा हैं,
इंसा लाशें ढो रहा हैं.
हाँक रहें हैं; धर्मोँ मज़हब के ठेकेदार,
सत्ता के लिए सब हो रहा हैं.
...
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Dr. Ravipal Bharshankar
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