लोक सभा चुनाव 2019
मैं व्यथित हूँ,
हाल उनका देख कर।
आजाद हिंदुस्तान में
ऐसा पहली बार हुआ।
विपक्ष खोखला
व नकारा साबित हुआ।
ना कोई मुद्दा,
ना बहस का स्तर।
ना राष्ट्रहित की चिंता,
ना ही लोकतांत्रिक मूल्यों का ख्याल।
आरोप दर आरोप
वो भी बिना आधार।
क्या कहे उनको,
उड़ा रहे लोकतंत्र का मजाक।
दुकानें बंद हो गई उनकी
बोखला रहे तभी।
आम जन को भ्रमित
और बातों में उलझा रहे।
जात-पात और सांप्रदायिकता का
खुलेआम ले रहे सहारा।
फिर भी समाजवाद और धर्म निरपेक्षता का
लगा रहे नारा।
तुष्टीकरण और लालच से
बहका जनता को रहे
देखते हैं आगे
होता है क्या?
जनता देश की जवाब देगी,
इन नकारा लोगों को कैसे?
23 मई को हो जाएगा फैसला,
देश सतत तरक्की पर आगे बढ़ेगा।
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