अच्छे दिन आ गये, मोदी जी छा गये
ईंसानियत मे डूब कर फरिस्ता बन जाओ, दिल की गहराईओ से रिस्ता निभाओ
सिर्फ मंजिले पाना ही तुम्हारा लक्ष्य नही, पथ की खाईयो को भी हटाते जाओ
अच्छे दिन आ गये, मोदी जी छा गये, उजियारा छा गये अंधेरे को खा गये
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