जब से हुआ है तुम्हारा आगमन,
जीवन ने नया अर्थ पा लिया है।
सूनेपन की खामोश गलियों ने,
सपनों का कारवाँ सजा लिया है।
तुम्हारी आहट से हवाएँ भी गुनगुनाने लगीं हैं
तितलीयां फूलों को दिल का राज़ बताने लगीं हैं
ख़ामोश रहने वाला, अब मुस्कुराने लगा है ये मन
जब से हुआ है तुम्हारा आगमन,
हर सुबह तुम आंखों में जगती हो
हर रात मेरे ख़्यालों में होती हो
हर एक क्षण है बस तुम्हारा स्मरण
जब से हुआ है तुम्हारा आगमन,
प्रभु की पूजा अर्चना अब तुम हो
मेरे मन की सुंदर कल्पना तुम हो
तुम्हारे नाम से ही करता हूं प्रेम का आचमन
जब से हुआ है तुम्हारा आगमन..
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