Irshad &salmaan Poem by Anjum Firdausi

Irshad &salmaan

वतन का लाल । तुझे सलाम।।

शहीद ईर्शाद । शहीद सलमान। ।।।

कहाॅ गए वो लोग जो हमको करते हैं बदनाम।
चिख़ रही है लाशें उनकी, पुछे हिन्दुस्तान।

हुए शहीद वतन के नायक, ईर्शाद और सलमान।।।।।।

ज़मी के ये थे सच्चे सिपाही, देश की ये थे शान।।।।।।।।।।।

कहाॅ गए वो लोग- - - - - - - - - -

दी है जाने, देते रहेगे, वतन पे सब क़ुर्बान।।
कहती है ये क़ोम हमारी, कहता हर इंसान।।

उम्र थी छोटी उसकी लेकिन, दर्जा बड़ा है
पाया।।।।।।।।।।।।।

देश ने अपना बेटा खोया, माॅ ने यही बताया।।।।।।।।।।।।

दुश्मन के आगे न झुके वो, लड़ के दे दी जान।।।।।।।।।।।।

मिडिया, टी वी, चैनल वाले, चुप हैं और अंजान।।।।।।।।।।।।

बता हूकुमत, बोल ज़रा सा, कुछ तो दे सम्मान।।।।।।।।।।।।

कहाॅ गए वो लोग, जो हमको, करते हैं बदनाम।।।।।।।।।।।।।।।।।

रचना एवं लेख: -अंजुम फिरदौसी
Anjum Firdausi
ग्रा+पो: -अलीनगर, दरभंगा, बिहार।

Thursday, January 12, 2017
Topic(s) of this poem: nazm
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Anjum Firdausi

Anjum Firdausi

Alinagar, Darbhanga
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