Anjum Alinagari

Anjum Alinagari Poems

अये नौजवां तू है कहाॅ।।
रब ने तेरे लिए , है बनाया जहाॅ।।

है तेरी ये ज़मी, है तेरा आसमां।
...

आओ चलो लगाएॅ, मिल जुल के ये नारा ।

सारे जहाॅ से अच्छा है, कानून हमारा ।
...

अपने वतन की ट्रेन की हालत, से डर गया।
एक हादसे की शकल में, बेमौत मर गया।

बुलेट की बात छोड़ीऐ, इसको सुधारीए।
...

मौत तो एक बहाना फक़त है,
मौत का कुछ ठिकाना नहीं है।

कौन कहता है पुछो ज़रा सा,
...

दिया हम सब ने, है बलिदान ।
बना तब जा के हिन्दुस्तान ।

आज घिरे हैं नफरत से हम
...

प्यारी बेटी, सदा ख़ुश रहो तुम ।
दे रहा हूं, दुआ ख़ुश रहो तुम।
दे कर तुझ सा मेरी शान तोहफ़ा
चाहता है , ख़ुदा ख़ुश रहो तुम।
...

कुछ भी नहीं कहना।
बस देखते रहना।
ज़ालिम की हिमायत है
चुपचाप ज़ुल्म सहना ।
...

कटा जो सर हुसैन का,
अली के नूर ए ऐन का।
यज़ीद हो गया पलीद
हुसैन हो गए शहीद।
...

JamiaVoice
हाँ, मेरे जामिया, का वो मीरान है।
हाँ, तेरे जामिया, का वो मीरान है।
...

जनगणना का काम किया
हमने न आराम किया।।

सुबह को स्कूल जाते थे ।
...

कम से कम ये काम हम न करें।
दावत ए तहज़ीब को ख़त्म न करें।

ख़बर खै़रियत सबकी लेने का
...

Happy Doctor's Day
डॉक्टर
अजब डॉक्टर की ग़ज़ब है कहानी।
बीमारी कोई हो, चढ़ा देगा पानी।
...

जिनको चुनकर जनता लाई ।
वो भी अब बिकते हैं भाई ।

लड़ा रहे हो आपस में क्यों
...

सेहत क़ुदरत का है प्राइज़ ।
योगा बेहतर, एक्सरसाइज़।

लोग ख़ुशी से इसे हैं करते,
...

नेता जी,
दिल तोड़ो और दल‌ तोड़ो।
नफ़रता का मुद्दा छेड़ो ।
...

असली दुश्मन है अमेरिका।
जो लेता है मौत का ठीका।

लड़ा लड़ा कर मार रहा है।
...

ज़मीन से जो जुड़े हुए थे, नहीं रहे।
जो पैरों पे ख़ुद खड़े हुए थे, नहीं रहे।

पता है मुझ को, ख़बर है तुझको,
...

कुछ मेहमान थे, कुछ मेज़बान
लेकिन सभी थे, नेकदिल इंसान,

मिले थे कल, देने को बल
...

سڑک
اُس رستے کا نام سڑک
جو پہنچائے منزل تک
...

پانی
پانی کھانے پینے میں
پانی آنکھ ، پسینے میں
...

Anjum Alinagari Biography

Anjum Firdausi S/O Mashkoor Hasan Mashkoor Alinagari is a Science Teacher cum Poet. His Father is Well Known Poet of Darbhanga Bihar. His late Father has written Urdu poetic Book ' Armano K phool' which was published by Namak publication New Delhi. Anjum Alinagari is a pen Name of Anjum Firdausi, who is Also Known as Anjum Inquilabi has written several poems in Urdu, Hindi language in Different topics and current issue.. His poetic Book in Hindi 'Tappe Toii ' is coming soon... Anjum Alinagari is an Indian Urdu-Hindi poet and shayar known for writing original ghazals, nazms, and social poetry. His work reflects themes of peace, humanity, patriotism, spirituality, love, and contemporary society. He presents his poetry in a simple yet impactful style, making it accessible to readers of all ages. His verses are regularly shared as poetry posters and on social media under the pen name Anjum Alinagari.)

The Best Poem Of Anjum Alinagari

अये नौजवां

अये नौजवां तू है कहाॅ।।
रब ने तेरे लिए , है बनाया जहाॅ।।

है तेरी ये ज़मी, है तेरा आसमां।
अये नौजवां ।।।।।।।। तू है कहाॅ।।

सब्र से काम ले , हक़ को हक़ जान ले।
क्या सही क्या ग़लत, उसको पहचान ले।

अपनी परवाज़ पे रख तू अपनी नज़र।
ख़ुद को ऐसा बना, ख़ुश हो हर एक बशर।

अये नौजवां ।।।।तू है कहाॅ।
रब ने तेरे लिए , है बनाया जहाॅ।

मुल्क की शान बन, इसकी आवाज़ बन।।
हर सू इज्ज़त मिले , ऐसा इंसान बन।।

खौफ़ व दहशत का माहौल बनने न दे।
कोई लड़ना भी चाहे , तो लड़ने न दे।

है अमन का सबक़ , इसको तू याद रख।
तुझसे है सरज़मी , इसको आबाद रख।

अये नौजवाॅ ।।।।।।।।तू है कहाॅ।
रब ने तेरे लिए ।।। है बनाया जहाॅ।

रचना&लेख: -अंजुम अलीनगरी
, Darbhanga, Bihar)

Anjum Alinagari Comments

Anjum Alinagari Quotes

उसूलों पे चलने नहीं दे रहा है। ज़माना मेरा इम्तिहां ले रहा है। बताएगा वो ज़िंदगी की हक़ीक़त, जो ताउम्र हर दम सफ़र में रहा है। © अंजुम अलीनगरी

मक़सद ए हयात खो दिया हम ने । दिल जो रोया तो रो दिया हम ने।‌ उसने अब तक बचा कर रखा है, उसको तोहफ़े में जो दिया हम ने। © अंजुम अलीनगरी

आप ‌ की, मेरी, सभी की, बस यही औक़ात है। ख़ाक में मिल जाने वाली, हम सभी की ज़ात है। © अंजुम अलीनगरी

ज़मीं ये हरी थी, ज़मीं ये हरी है। मुहब्बत की ताक़त ही सबसे बड़ी है। अमन चाहता है वतन ये हमारा, सियासत मगर इसके पीछे पड़ी है। © अंजुम अलीनगरी

कौन कहता है लड़ नहीं सकते। हम हुसैनी हैं, डर नहीं सकते। मेरे दिल में हुसैन ज़िंदा हैं, ताक़यामत वो मर नहीं सकते। © अंजुम अलीनगरी

'دونوں جہاں میں آج تک گلزار ہیں حسین - جنت کے نوجوانوں کے سردار ہیں حسین - کربل کا وہ میدان جہاں سر کو کٹا کر - ثابت کیا کہ حق کے طلب گار ہیں حسین انجم علی نگری

आपस में तकरार से बचिए। ज़ालिम और मक्कार से बचिए। करे जो अपना उल्लू सीधा, वक्त के ऐसे यार से बचिए। ©अंजुम अलीनगरी

'(आम ') नर्म गर्म और ताज़ा है। रब ने ज़ाइक़े से नवाज़ा है। आप भी आम के दीवानें हैं, उनको अंदेशा नहीं, अंदाज़ा है। © अंजुम अलीनगरी

रह रह कर आया जाया कर । मिल बैठ के खाना खाया कर । हो सुस्ती, दर्द, थकान बहुत, तो फ़ौरन चाय मंगाया कर ।।। © अंजुम अलीनगरी, दरभंगा बिहार

कोई अपना कहां अपनों से जुदा होता है। जिसका कोई नहीं उसका ख़ुदा होता है।। © अंजुम अलीनगरी

घर से रोज़ निकलते हैं। सड़क पे धीरे चलते हैं। सफ़र में धूप और धूल को खाकर, मंज़िल तलक पहूंचते हैं। © अंजुम अलीनगरी, दरभंगा बिहार

न कहीं से आने का, न कहीं को जाने का । बस कहीं अकेले में, ख़ुद को आज़माने का। © अंजुम अलीनगरी, दरभंगा बिहार

जिसने माना एक है रब। उनके पीछे पड़ गए सब । © अंजुम अलीनगरी

गर निज़ाम ए मुल्की जम्हूरि है, फिर तो, ज़ुल्म का ख़ातिमा ज़रूरी है। © अंजुम अलीनगरी

ख़ुदा सबसे, बड़ा है, याद रखिए। ख़ुदा के, ज़िक्र से, दिल शाद रखिए। ©अंजुम अलीनगरी

घर द्वार वतन का निर्माता। जो ख़ून जलाकर है खाता। जिसे सुख न सुविधा मिलती है, मज़दूर वही है कहलाता।।।। © अंजुम अलीनगरी, दरभंगा बिहार

جہاں میں اب میرا کوئی نہیں ہے --- یہ کہ کر رات بھر سوئی نہیں ہے ©انجم علی نگری

लड़ाने के लिए कुर्सी पे जो सरदार बैठे हैं। उन्हें कह दो, कि अब हम भी, यहां बेदार बैठे हैं । सियासत ने हमारे मुल्क को बर्बाद कर डाला। यही एक वजह है, जो नौजवां बेकार बैठे हैं । रचनाकार: - अंजुम अलीनगरी

शराफ़त, छीन लेती है सियासत। जन्म देती है ये बोग़ज़ो अदावत । सियासत कैदीयों पर जब है होती, नहीं इंसाफ़ करती है अदालत। © अंजुम अलीनगरी,

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