भाषा को पहचाना
धर्म को पहचाना
भूमि पर खिची
रेखाओं कों पहचाना
ज्ञान के प्रवचन को पहचाना
संस्कृति को जाना
ब्रह्माण्ड में विद्यमान
ऊर्जा को पहचाना
उपमेय और अलंकार को पहचाना
केवल
स्वयम् को ही पहचान नही पाया
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कहते हैं कि स्वयं से साक्षात्कार हो जाना जीवन की सब से बड़ी उपलब्धि है. अन्य बातों का ज्ञान दूसरे स्थान पर है. बहुत सुंदर प्रस्तुति.