१. सदियों की जंजीर और नया दौर
सदियों तक जो खेत और माटी में हरदम खपते थे,
वही लोग अब अपनी किस्मत के खुद ही मालिक बनते थे।
पुरानी मनु-व्यवस्था के सारे बंधन तोड़ आए हैं,
अब शूद्र और मेहनतकाश ने अपनी सरकार बनाए हैं।
२. सत्ता की धुरी और जनता का राज
मंत्री, विधायक और नेता अब, इन्हीं के बीच से आते हैं,
जो पहले रोते थे चुपके, अब फैसला वही सुनाते हैं।
सरकार बनी है उनकी जो, दिन-रात पसीना बहाते थे,
अब राजनीति के गलियारों में, इन्हीं के गीत गाते हैं।
३. न्याय, विकास और समता का पाठ
इस सरकार में अब न कोई छोटा या बड़ा रहेगा,
सभी को बराबर हक और सम्मान यहाँ मिलेगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक पर, सबका हक बराबर है,
शूद्र और मेहनतकाश की सरकार से, अब देखो कैसा झलक रहा उजाला है।
४. एक नया और लोकतांत्रिक भारत
सरकार अपनी जब आई है, तो सभी का उद्धार होगा,
भेदभाव का अँधियारा अब, हमेशा के लिए दूर होगा।
समानता के इस रथ पर, देश हमारा बढ़ेगा आगे,
शूद्र वर्ग की इस सरकार से, अब हर एक दुःख भागे!
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