मुसीबतें जब आती हैं,
तो डर भी साथ लाती हैं—
पर वही डर
हौसले की असली
परीक्षा बन जाती है।
भाग्य रोशनी नहीं देता,
रोशनी
हाथों से बनती है।
जो गिरकर भी उठ जाए,
उसके कदम
किस्मत लिखती है।
हर चोट
एक पाठ है,
हर आँसू
एक चेतावनी—
कि अब
और मजबूत होना है।
जब रास्ता रुकता है,
तब समझो
नया रास्ता
जन्म ले रहा है।
अगर अंधेरा बढ़े,
तो दीपक
भी जिद्दी बनो।
क्योंकि उम्मीद
कमज़ोरों की नहीं,
लड़ाकों की पहचान है।
कल किसने देखा है?
पर आज तुम्हारा है—
और आज
अगर तुम डटे रहोगे,
तो कल
तुम्हारे नाम होगा।
— पुष्प सिरोही
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