१. पहरेदारी और शोर
शूद्र की पहरेदारी से गलियों में रातभर जागना पड़ता है,
शूद्र का मचाया शोर हर मकान की नींद उड़ा देता है।
शूद्र का हॉर्न बजाना रास्तों पर कोहराम मचाता है,
शूद्र की हरकतों से हर कोई परेशान नजर आता है।
२. बाधा और अध्ययन में खलल
शूद्र की चोरियों से घरों का सुकून छिन जाता है,
शूद्र की बाधाओं से हर लक्ष्य पीछे छूट जाता है।
शूद्र के जलने से समाज में तनाव और बढ़ता है,
शूद्र के शोर से पढ़ने-लिखने वालों को शांति नहीं मिलती है।
३. राजनीति, पंचायत और दुर्व्यवहार
शूद्र की राजनीति से पंचायतें सही नहीं चल पाती हैं,
शूद्र के हस्तक्षेप से व्यवस्था अक्सर बिखर जाती है।
शूद्र द्वारा महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की खबरें आती हैं,
शूद्र दूसरों को भी दुर्व्यवहार के लिए मजबूर कर जाते हैं।
शूद्र नीति का गलत प्रयोग करके नियमों को तोड़ते हैं,
शूद्र के इन तौर-तरीकों से सारे कायदे छूटते हैं।
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