अधूरी वफ़ा Poem by Pushp Sirohi

अधूरी वफ़ा

वफ़ा का मतलब उसने बदला
मैंने निभाकर गलती कर दी

वो आसानी से आगे बढ़ गया
मैंने रुक कर ज़िंदगी कर दी

हम दोनों में फर्क बस इतना था
उसने छोड़ा, मैंने सहा

मक़्ता:
आज भी खुद से यही पूछता है
क्या कम था पुष्प

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