मलखान पंडित की महा-मस्ती Poem by Pushp Sirohi

मलखान पंडित की महा-मस्ती

आओ देखो, आओ देखो,
मलखान पंडित आए,
माथे पे तिलक चमचम करता,
लीला नई रचाए! 😄

साथ में चचुंदरों की टोली,
पीं-पीं करती आई,
पंडित जी का इशारा पाते ही,
हर कोना झट साफ़ कर जाए! 😂

मलखान पंडित के यार निराले,
चंद मोहम्मद भी संग आए,
दोनों बैठ के हँसी उड़ाएँ,
और दुनिया को चकमा खाए! 😆

चचुंदरों की फौज भी देखो,
लाइन में सब नहाए,
जैसे कोई बड़ी तैयारी हो,
पंडित जी का आदेश पाए! 🤭

घंटी, थाली, लड्डू, नारियल,
सबका अपना खेल,
मलखान पंडित और उनकी टोली,
कर दे पूरा मेल! 😂

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