Thursday, March 19, 2026

।। मेरे मस्तूर ।। Comments

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'मस्तूर! तेरे नूर का इक़बाल है, महफ़ूज़ रहना;
ऐ मेरी ग़ज़ल-चश्म, तू चश्म-ए-बद-दूर रहना।'

'तू साहिर और तेरा अफ़्सूँ, सुन हुस्न-ए-बेपरवाह;
...
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Rajnish Rajan
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