Sunday, April 5, 2026

'अमीर रास्ता, सहमी चप्पल' Comments

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बरसती धूप जैसे आग का गोला,
न सह सकने वाली पैरों में छाला।
भट्ठी में झुलसा अलकतरा का हाल,
मेरी टूटी चप्पल की बेतरतीब चाल।
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Rajnish Rajan
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