।। हम हैं बिहारी भैया ।। Poem by Rajnish Rajan

।। हम हैं बिहारी भैया ।।

अरे! हम हैं बिहारी भैया,
करते नहीं हम कोई लफड़ा।

हो जाए जब प्यार किसी से,
दिल-जान निकाल के देते हैं...
अरे! हम हैं बिहारी भैया,
करते नहीं हम कोई लफड़ा।

ये पावन पुण्य प्रसूत धरा
जन्मे यहाँ महावीर हैं।
ज्ञान मिला बुद्ध को यहाँ,
इस मिट्टी का सम्मान है।

आर्यभट्ट की धरती महान,
यहीं से मिला शून्य का ज्ञान,
हमसे ही तो है विज्ञान ।

राजगीर की धरती प्यारी,
पाँच पहाड़ों वाली है।
शांति स्तूप की गूँज यहाँ,
वेणुवन की क्यारी है।
प्रकृति की इस गोद में भैया,
दुनिया झुकती सारी है।

सतुआ का मान यहाँ है,
लिट्टी-चोखा भी आन है।
दही-चूड़ा की शक्ति ही,
अब इसकी पहचान है।
दुनिया भी गाती जिसकी,
शक्ति यहाँ महान है।

सिल्क हमारा भागलपुर का,
कतरनी चावल महान है।
मनेर के लड्डू, गया का तिलकुट,
खुरमा भी यहाँ की शान है।
हर ज़ायका मशहूर यहाँ,
हम बिहारी की शान है।

मगध-नालंदा की धरती,
विक्रमशिला भी महान है।
चाणक्य नीति उपजी हमसे,
हम बिहारी की शान है।

छठी मैया की धरती है ये,
सूर्य को यहाँ नमस्कार है।
बिहारी से जो ले टक्कर,
उसको हमारी ललकार है।

गणित कनेक्शन के एक्शन से,
UPSC में ललकार है।
हम बिहारी थोड़े सीधे,
फिर भी ललकार है।

© रजनीश राजन

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