Saturday, March 21, 2026

तेरे यौवन का श्रृंगार प्रिये Comments

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बहकती आरज़ू है मेरी,
और अंधेरी घनेरी रात।
तेरे बदन की ख़ुशबू में डूबा,
कहो, कैसे करूँ मैं प्यार?
...
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Rajnish Rajan
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