पैरों में घुंघरू पहन के मुझसे मिलने आना
मेरी गलियों से होके आना, राह भटक ना जाना
राह में तेरी चाहत को मैं फूलों से सजाऊं
तू मेरी है और मैं तेरा, ये बात कभी ना भूलना
पैरों में घुंघरू पहन के मुझसे मिलने आना
घुंघरू की छम छम में एक नई छनक तुम भरना
तुम गालों पे एक काला टीका जरूर लगाए आना
मैं राह तकूँगा तेरी, मेरी गलियों से होकर आना
फूलों से कांटे हटाऊं, तुम मुझसे मिलने आना
ओंठ तुम्हारे रंगीले हैं, तुम लाल बिंदी भी लगाना
गली में आकर पायल को थोड़ा ज्यादा ही छनकाना
गाल तुम्हारे रेशम जैसे, आँख तुम्हारे भूरे हैं
तुम मुझसे मिलने आना, एक नई छनक तुम भरना
मिलने आओगी मुझसे तो I love you तुम मत कहना
लफ़्ज़ों की बातें बहुत हुई अब, आँखों से तुम कहना
तुम मुस्काना मैं हस दूंगा, बात समझ तुम जाना
जाना मेरी जान तू मेरी, मेरी धड़कन में समाना
जाना मेरी जान तू मेरी, मेरी धड़कन में समाना
राह में तेरी चाहत को मैं गीतों से सजाऊं
जाना मेरी जान तू मेरी, मेरी गीतों में समाना
तुम मुस्काना मैं हस दूंगा, तुम मुझसे मिलने आना
नए नए तुम नखरे करना, एक नई छनक तुम भरना
बालों को तुम बादल करना, मेरे मन को तुम ललचाना
तेरे नखरों को मैं उठाऊं, काले बादल में सुस्ताऊं
पैरों में घुंघरू पहन के तुम मुझसे मिलने आना
मस्त पवन का झोंका तेरा, तुम पागल मुझे बनाए
तुम हस के आहट बन जाना, मेरी सांसों में समाना
मैं दरीचा खुला रखूंगा, तुम ताबीर बनके आना
नए नए तुम नखरे करना, एक नई छनक तुम भरना
पैरों में घुंघरू पहन के, मुझसे मिलने आना
मेरी गलियों से होके आना, राह भटक ना जाना...।
© रजनीश राजन ✍️
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