Shayari Page 1 Poem by Sankhajit Bhattacharjee

Shayari Page 1

अगर औरत नहीं होती, तो मुहब्बत नहीं होती।
अगर बंगाल माँ नहीं होती, तो भारत माता भी नहीं होती।
...
हरेक इंसान के पास दिल है।
भारत में भी बंगाल है।
...
मर्द सिर्फ इंसान होता है।
औरत केवल माँ होती है।
...
इंसान को दुःख देने में बहुत मज़ा आता है।
इंसान का दुःख में सिर्फ कुत्ते रोते हैं।
...
जिंदगी का स्टेशन पर ट्रेन रुक गई।
समय कभी रुकता नहीं, छुट्टी गुज़र गई।
...
समय की नदी, मैं अकेला नहीं।
पिता नाव है, माँ मांझी, जिंदगी यही।
...
सेंटीमेंट (भावुकता) आग से भी भयंकर।
आग जलाती है बाहर से, लेकिन वह रुलाती है अंदर।
...
जिसको जल जाना होता है, उसे कौन रोकेगा।
ये आग नहीं, प्यार का अल्फा ओमेगा।
...

COMMENTS OF THE POEM
READ THIS POEM IN OTHER LANGUAGES
Close
Error Success