shakti singh

shakti singh Poems

यह जिँदगी का कोढ़ है।
यह जिँदगी का कोढ़ है।।
करता सदा करता सदा ।
यह मृत्यु से गठजोड़ है।।
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The Best Poem Of shakti singh

नशाः जिँदगी का कोढ़

यह जिँदगी का कोढ़ है।
यह जिँदगी का कोढ़ है।।
करता सदा करता सदा ।
यह मृत्यु से गठजोड़ है।।

देता बुलावा मृत्यु को।
यह कर रहा बर्बाद है।।
जो ना करे इस नशे को।
वह सर्वथा आबाद है।।

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