Shashikant Nishant Sharma

Rookie (03 September,1988 / Sonepur, Saran, Bihar, India)

सरस्वती वंदना - Poem by Shashikant Nishant Sharma

जय जय माँ शारदे
वर दे वर दे
मुझमे विद्या बुद्धि भर दे
तू सबका उद्धार कर दे
मैं यूँ ही करता रहूँगा
माँ तेरी आरती
जय माँ शारदे जय सरस्वती
तू दे मुझें ज्ञान
मैं कर दूँ अर्पण
अपना ये जीवन
तेरी ही चरणों में
मैं करता रहूँगा
तेरी ही शरण में
मैं गाता रहूँगा
यूँ ही तेरी भजन
माँ तू मुझे ज्ञान दे
जय जय माँ शारदे
शशिकांत निशांत शर्मा 'साहिल'


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Poem Submitted: Thursday, March 21, 2013



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