hasmukh amathalal

Gold Star - 35,295 Points (17/05/1947 / Vadali, Dist: - sabarkantha, Gujarat, India)

' प्यार में कोई खिलवाड़ नहीं'pyaar me koi - Poem by hasmukh amathalal

' प्यार में कोई खिलवाड़ नहीं'

हमने सजाये थे सपने
वो हो गए साकार ओर अपने
अब कोई गैरत नहीं, किल्लत नहीं
अब तो बढ़ गयी है, हमारी हिम्मत यहीं

खेर अब ग़मग़ीनी कोई नहीं
गिला और शिकवा भी कोई नहीं
बसर कर लेंगे यादोें के सहारे जिंदगी
कुछ तो असर करेगी हमारी ये बंदगी

खेर प्यार हमने किया
उसको तस्लीम आपने किया
कारवां आगे जरूर बढ़ेगा
वो कभी किसी की भेंट नहीं चढ़ेगा।

खेर मनाओ सनम हम सीधे सादे है
इरादे के मुताबिक़ और वचन के पक्के है
कहीं उलटे मुंह ना गिर जाओ, याद रखना
सीखना, सोचना, बोलना और फिर परखना

हमने खूब सहा और सराहा भी
आप ने भी उडा दी बात, और लगाया ठहाका भी
हमने कहा 'हम वादे के पक्के है पर कमजोर नहीं '
प्यार पर किसी की जोहुक्मी और वो शिरमौर नहीं

प्यार में झुका कोई नहीं पर सर से फरमाया
अपने आप में उमड़ा और सैलाब उभर आया
हमने भर दी हामी और आपने शुक्रिया अदा किया
हमने भी पलके झुका दी और प्यार से सजदा किया।

हमें तो कह रहे हो 'प्यार को ना करो बदनाम '
प्यार करकर भी रह सक्तो हो गुमनाम
'उसका अपमान' अपने को बताना है कायर
प्यार को तस्लीम करना ओर अपने को दिखाना शायर।

खेर! प्यार सब को चाहिए अपनी ख़ुशी के लिए
सब को दिखाने और जीवन साथी होने के लिए
अनबन हो तो कोई बात नहीं पर 'लडालड़ ' कभी नहीं
ख़याल बस इतना रहे ' प्यार में कोई खिलवाड़ नहीं'


Comments about ' प्यार में कोई खिलवाड़ नहीं'pyaar me koi by hasmukh amathalal

  • Gold Star - 8,178 Points Geetha Jayakumar (7/19/2014 10:57:00 AM)

    Aapki kavita bahuth pyaari hai. Pyaar mein koi khilvaad nahin. Vachan kay puckey hain hum per kamjor nahin hain hum....Beautiful poem and I loved reading each lines.... (Report) Reply

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  • Gold Star - 35,295 Points Mehta Hasmukh Amathalal (7/19/2014 10:14:00 AM)

    Rohani Daud likes this.

    Hasmukh Mehta welcome
    Just now · Unlike · 1 (Report) Reply

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Poem Submitted: Saturday, July 19, 2014



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