Sunday, July 2, 2017

रे बदरा रे एएएएएएएएएएएएएए रे बदरा Comments

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(रे बदरा रे)

घटा घनघोर बन कर गरजता क्यों फ़क़त है
पता है जानता हूँ मेरे घर पे ना छत है
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NADIR HASNAIN
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Rajnish Manga 02 July 2017

चित्र और गीत का ऐसा अनोखा संगम आपने प्रस्तुत किया है कि दिल वाह वाह कर उठा. हाँ, इसके हमराह आपने समाज की एक ज्वलंत समस्या की ओर भी ध्यान खींचा है जिसका जल्द समाधान निकलना बेहद जरुरी है. हार्दिक धन्यवाद, मित्र.

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Nadir Hasnain 05 July 2017

Thanks Mr.Rajnish Manga Ji for your Valuable Comment, Thanks

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