NADIR HASNAIN


NADIR HASNAIN Poems

1. ख़ाकी वर्दी वाले हैं हम ख़ाकी वर्दी वाले हैं 10/28/2016
2. सूखी रोटी ना मिली किसी धनवान के घर 10/29/2016
3. दिया दिवाली खुशयों की सौग़ात मुबारक हो 10/30/2016
4. हाकिम वोज़रा और सिपाही ये सरकार तुम्हारी है 11/3/2016
5. जब से हुए हैं दूर हम परवरदिगार से 11/4/2016
6. आली जनाब आप के आने का शुक्रया (For Nitish Kumar) 11/13/2016
7. नमो नमस्ते हंसते हंसते ऐसी तीर चलाई है 11/20/2016
8. मेरी माँ मेरी माँ मेरी माँ मेरी माँ 11/26/2016
9. दिल नशीं दिलरुबा हूर है बा ख़ुदा 12/3/2016
10. आओ रे भाई चलो रे बहना करनी साफ़ सफाई है 12/22/2016
11. Happy Happy Happy Happy Happy New Year 12/30/2016
12. जोश है जज़्बा कुछ करने का करके हम दिखलाएंगे 2/8/2017
13. मैं सिगरेट हूँ 2/8/2017
14. मुसाफिर हूँ मुहब्बत का सफर मेरी मुक़द्दर है 2/10/2017
15. तेरा हाफ़िज़ है मुहाफ़िज़ है मुहाफ़िज़ है ख़ुदा 2/10/2017
16. मेरा इश्क़ मुहब्बत प्यार है तू 2/11/2017
17. इश्क़ तुम्हीं से बस दिन रात मैं करता हूँ 2/13/2017
18. नशा इश्क़ का चढ़ जब जाए 2/16/2017
19. जल बिना तड़पे है माहि इश्क़ वह तंदूर है 2/16/2017
20. खोल दिया दरवाज़ा दिल का आजा जाने जाना 2/16/2017
21. ओ जाने वफ़ा तूने मुझको भुला डाला 2/16/2017
22. रंग बिरंगे रंगों का त्यवहार मुबारक हो 3/12/2017
23. गुफ़्तुगू करले तू आ मेरे तू पास आ 3/21/2017
24. ईद मुबारक हो 6/24/2017
25. जय नेताजी जय परधान उजली कुर्ती मुंह में पान 8/8/2015
26. लुटा क़ारूणि ख़ज़ाना मिटि फ़िरौन की ताक़त 8/8/2015
27. चेहरा देखता हूँ ख्यालों में अपने 8/8/2015
28. मुक्ति दे......... मुक्ति दे 8/8/2015
29. हैं कंवारी जिनकी लड़की उनसे जाकर पूछये 8/8/2015
30. घर की रौनक़ शान है बेटी ………ममता की पहचान है बेटी 8/8/2015
31. निशानी ये गन्दी सियासत की है 10/17/2015
32. घर की मुर्ग़ी दाल बराबर अस्सी रुपए प्याज 10/22/2015
33. शादाब शजर ख़ुशहाल बशर इंसाफ़ अगर ना पाएगा 11/14/2015
34. ऐसी लड़की है वो ऐसी लड़की है वो 11/14/2015
35. वतन के लोगो! ! ! ! ! ! ! ! ! ! वतन के लोगो! ! ! ! ! ! 11/14/2015
36. अमन परस्त हूँ मुख़लिस परिंदा रहने दो 11/15/2015
37. हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई ख़तरे में हर भाई है 7/13/2017
38. ग़फ़लत की चकाचौंध में मदहोश है दुनियां 7/22/2017
39. कौड़ी से भी जान यहाँ पे सस्ती है 7/23/2017
40. मिट्टी के घर में रहते थे इंसान खो गए 8/7/2017

Comments about NADIR HASNAIN

  • Anjum Firdausi (1/4/2017 7:36:00 AM)

    nice one

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Best Poem of NADIR HASNAIN

शोर मची है है हंगामा हिन्दू मुस्लिम कहते हैं

शोर मची है है हंगामा हिन्दू मुस्लिम कहते हैं
ढोंगी मदारी गिरगिट जैसे लोग यहाँ भी रहते हैं

जिन्होंने अपनी बीवी को भी इज़्ज़त ना सम्मान दिया
ऐसे लोग महिलाओं के हक़ की बातें करते हैं



हम अहले ईमान हमारी ये पहचान शरीअत है
जीने का हर तौर तरीक़ा अमल ईमान शरीअत है

ये जुरअत तरमीम की तेरी जान मेरी लेसकती है
दख़्ल शरीअत में हरगिज़ मंज़ूर नहीं करसकते हैं

By: नादिर हसनैन

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ईद मुबारक हो

ईद मुबारक हो सभी को ईद मुबारक हो
ख़ुशी की ताज़ा किरण खिली ख़ुर्शीद मुबारक हो
माफ़ करो और माफ़ी मांगो छोटे बड़े गुनाहों से
ऐसा कुछ करजाओ जो दुःख दर्द निवारक हो
ईद मुबारक हो सभी को ईद मुबारक हो

शीर ख़ोरमा दूध सेवइयां खाओ और खिलाओ
पहनो कपड़े नए नए और इत्र भी खूब लगाओ
बोग्ज़-व-नफ़रत कीना ग़ुस्सा ख़ुद से दूर भगाओ

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