Shashikant Nishant Sharma

Rookie - 133 Points (03 September,1988 / Sonepur, Saran, Bihar, India)

पी लो मस्ती का प्याला - Poem by Shashikant Nishant Sharma

न कभी पड़ेगा दर्दों-गम का पाला
जीवन है अनमोल
रखो सबसे मेलजोल
जीवन जिओ हरम
मेरे दोस्त, मेरे हमदम
पल-पल हर छण हर लम्हा
न रहना तू कभी तन्हा
न कभी घुट-घुट के जीना
जब जी करे पीना
करो जीवन में उजाला
पी लो मस्ती का प्याला
जीवन है अनमोल
जिओ जीवन दिल खोल
मिले सफलता या असफलता
तू न जरा भी घबराना
जीवन के दुस्वरियों से न डरना
करते रहना सतत प्रयास
तू भी रचेगा एक इतिहास
खत्म होगा इंतजार का बेला
पी लो मस्ती का प्याला
जीवन है अनमोल
आज तु भी बोल
रहेगा जबतक सांसों में साँस
न छोडूंगा आस
नहीं तेकुंगा कभी घुटना
जीवन को है जीना न की हारना
हम तो है मस्त मतवाला
पी ले मस्ती का प्याला
जीवन है अनमोल
धो दे सरे मैल
न रख मन में नफरत
कर ले तू भी मुहब्बत
मिलेगा मन-सम्मान
और नया पहचान
तू तो है दिलवाला
पी ले मस्ती का प्याला
जीवन है अनमोल
जुबान को बंद रख, न खोल
सब जान जायेंगे राज
क्यों हैं आप नाराज?
भला क्या रूठना और मनाना
जीवन है अपना
पराया है सपना
तू भी रूठा है भला
पी ले मस्ती का प्याला
जीवन है अनमोल
अपने मन को टटोल
अपने दुःख का कारण
दूसरा कोई नहीं, है अपना मन
दुःख-दर्द, सुख शांति
है सब मन की भ्रान्ति
होगा अंधकार से उजाला
पी ले मस्ती का प्याला
जीवन है अनमोल
दुनिया तो है गोल
सब है इसी में गुल
दिल में चुभे यदि शूल
आँख से आँसू न बहाना
दर्द को दिल में छुपाकर मुस्कुरा देना
दूसरों की ख़ुशी में खुश होना
जारी रखना ये शिलशिला
पी लो मस्ती का प्याला
जीवन है अनबोल
प्यार के दो मीठे बोल बोल
भुल जा सब दोखा दगा
तू बस ख़ुशी का गीत गा
ले ले जिन्दगी का मजा
रख मन को तरो-तजा
मीठी कर दे पीत विषैला
पी ले मस्ती का प्याला
जीवन है अनमोल
बेस्किमती, अति अनमोल
....
शशिकांत निशांत शर्मा 'साहिल'


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Poem Submitted: Tuesday, January 29, 2013



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