Tarun Upadhyay


।। जय माँ शारदा ।। - Poem by Tarun Upadhyay

।। जय माँ शारदा ।।
हे विद्या की देवी आपको
शत-शत कोटि प्रणाम।।

तू चाहे जिसे बनाए
तू चाहे जिसे मिटाए।
तेरी कृपा दया से
जीवन का सुख पाए।।
ज्ञानदायिनी हंसवाहिनी।
तेरे दर पे आने भर से
करे ज्ञान-विज्ञान प्रदान।

तू ही सबकी भाग्य विधा तू ही सबकी भाग्य विधाता।
तू ही सबकी बुद्धि प्रदाता।।
सुर साहित्य कला का वर पा
तुझसे मनुज, मनुज बन पाता।।
सब की मति निर्मल कर दो माँ।
कर


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Poem Submitted: Thursday, February 14, 2013

Poem Edited: Sunday, February 17, 2013


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