मेरे आंसुओ की सेज पर
ये हसरत भी मर जायेगी
फिर ज़िन्दगी की तलाश में
ये शब यूँही गुज़र जायगी
तुम ही दर्द की वजह भी हो
तुम ही दर्द की दवा भी हो
तेरे एक फैसले की देर है
मेरी हस्ती फिर संवर जायगी
जीना तो खुशनसीबों का काम है
यहाँ ज़िन्दगी सिर्फ सांस चलने का नाम है
ये वजूद मेरा वो राख है
तेरी न पे जो बिखर जायेगी
मेरे आंसुओं की सेज पे
ये हसरत भी मर जायेगी।
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I liked your verses... Ahatisham.