Saturday, October 15, 2016

खेल रहा है वक़्त कबड्डी खींच कर एक लकीर Comments

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खेल रहा है वक़्त कबड्डी खींच कर एक लकीर
बचपन में हम राजा थे अब बनगए यार फ़क़ीर
कंचे कुश्ती चोर सिपाही आँखमिचौली कैरम टिप्पो
ढून्ढ रहा हूँ खेल वही और अपनी वही ख़मीर
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NADIR HASNAIN
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