Saturday, October 29, 2016

सूखी रोटी ना मिली किसी धनवान के घर Comments

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मेरी फरयाद सुनो मेरी फरयाद सुनो
मैं भी इंसान हूँ मेरी फरयाद सुनो

आओ नज़दीक मेरे दिल की बातों को कहूँ
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NADIR HASNAIN
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