poet C. P. Sharma

C. P. Sharma

कोरोना क्यों आया?

कोरोना क्यों?

अरे! क्या हमने जरा भी सोचा?
कोरोना क्यों आया?
प्रकृति का सुख, शान्ति और प्रेममय जीवन त्याग,
सोने कि लंका का दर खटखटाया।

मुफ्त उपहारों को लूटा खसूटा,
प्रकृति को बन्दी बनाया।
वायु, वरुण और पृथ्वी को दूषित कर
नूतन जीवन शैली को अपनाया।

स्वास्थ्य से बेपरवाह हो,
मशीनों, नाईट लाइफ और फास्टफूड को बढाया।
वातानुकूलित व्यवस्था कर
स्वैस्वाथ्य शक्तियों को घटा
औषधि आधारित जीवन अपनाया।

पृकृति के विरुद्ध चल
प्रेम का परित्याग किया,
शीत युद्ध, विश्व युद्ध, गृह युद्ध से
अब जीवाणु युद्ध पर ला खडा किया! ! !

ऐ विकास के दीवानों!
प्रकृति का उद्धार करो,
मानवता का भी कल्याण करो।
सादा जीवन, उच्च विचार,
स्वास्थ्य मे हो न कोई विकार।

Topic(s) of this poem: development, lifestyle, nature

Poem Submitted: Saturday, May 9, 2020

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