Sunday, May 13, 2018

गुमसुम गुमसुम डरी डरी सी ख़ौफ़ज़दह है नारी Comments

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रीत है कैसी प्रीत है कैसी, कैसी सोच हमारी
गुमसुम गुमसुम डरी डरी सी ख़ौफ़ज़दह है नारी
गली मोहल्ला घर दरवाज़ा गाओं शहर में लोगो
फैल रही है माँ बहनों में दहशत की बीमारी
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NADIR HASNAIN
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