तेरी याद आ गयी Poem by Ahatisham Alam

तेरी याद आ गयी

किसी गुल की नज़ाकत को देखा
तो तेरी याद आ गयी
मासूम परिंदों की मोहब्बत को देखा
तो तेरी याद आ गयी
जिनकी उल्फ़त में टूट कर बिखरना भी
गवारा किया हमेशा
आज जब उनकी अदावत को देखा
तो तेरी याद आ गयी।

Thursday, January 3, 2019
Topic(s) of this poem: love
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M Asim Nehal 03 January 2019

Superb, Ek dil kash nazm, Teri yaad aa gayi.....

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