प्यार कर के कोई
पाना चाहता अपना बदला
वह पुण्य जन को हृदय से
आमंत्रण करता ये जीवन
उससे बड़ा वह मित्र
जो प्रेमास्त्र चलाता
उसके राह पर स्वंय
पुष्प डालता ये जीवन
उससे भी उत्तम वह
जो प्रेम रस मे डुबाना चाहता
उसे मैं मानता अपना सर्वोस्व
सम्पूर्ण धन देता ये जीवन
उससे भी सर्वोत्तम वह
जो मुझे अपना सर्वस्व मानता
चाहे पीठ पर तलवार रखकर
कहता चाहिय़े तेरा ये जीवन
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