A-202 तेरा दिल मुझमें धड़कता है 15.10.16—11.27AM
तेरा दिल मुझमें धड़कता है
नफ़रत करूँ कि प्यार करूँ
प्यार करूँ तो तौबा मेरी
जग में कैसे इजहार करूँ
लोग पहले से डराए बैठे हैं
देखो नज़रें वो गड़ाये बैठे हैं
कैसे मैं तेरी कोई बात करूँ
भला कैसे मैं इजहार करूँ
तू ही बता भला सूरत तेरी
बनती नहीं अब मूरत तेरी
कैसे भला अब इकरार करूँ
कब तक तेरा इंतज़ार करूँ
बात बने जो दिल से कहीं
मिल जाते हम दिल से वहीँ
हर पल तेरा मैं दीदार करूँ
दुनिया में तेरा इज़हार करूँ
तेरा दिल मुझमें धड़कता है
नफ़रत करूँ कि प्यार करूँ
Poet: Amrit Pal Singh Gogia "Pali"
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