A-218 तमाशबीनों की दुनिया है 8.12.16—5.23 AM
तमाशबीनों की दुनिया है
तमाशबीनों का शहर है
कोई छोटा तमाशबीन है
किसी ने ढाया कहर है..
तमाशबीनों की दुनिया है
मैं मैं न रही वो अब वो न रहे
अब दिल की बात कौन कहें
दिल मेरा अब मुंतशिर भी नहीं
जज्बा जज्बातों का कौन सहें..
तमाशबीनों की दुनिया है
उनके आने से ख़लल होता है
उनके जाने से उफान आता है
यह कैसी तस्वीर है तमाशे की
जैसे मौत का फरमान आता है..
तमाशबीनों की दुनिया है
तमाशबीनों की दुनिया है.. तमाशबीनों का शहर है
Poet: Amrit Pal Singh Gogia 'Pali'
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