अस्मिता पे गुरुर
में जीवन की दौड़ मे पीछे रह गया
फिरभी सब को अपनाता गया
न्याते रिश्ते जोड़ता गया
मना किसी को नहीं किया।
मुझे एहसास ही नहीं हुआ
में गरीब रह गया तो क्या हुआ?
इंसानी रेस तो जीत गया ना
कभी पीछे तो नहीं हटा ना!
लोग कहते रहते है
मेरे पर ताने कसते रहते है
सामने कुछ नहीं कहते
पर पीछे से जरूर कोसते।
में कुछ नहीं हांसल नहींकर पाया तो क्या हुआ?
मेरा ज़मीर तो मुझे छोड़ नहीं गया
मेरी गरीबी पर मुझे गर्व है
और इंसानियत का बेशक फक्र है।
कोई मुझे पीछे तो बद्दुआ नहीं देगा
सामने मिलेगा तो दुआ सलाम जरूर करेगा
मेरे लिए ये एक सिरपाव है
आखीर में ये सब मोम के पुतले और मानव ही है।
हम सब क्यों यहापर है?
दुःख सबको पारावार है
फिर भी असीम प्यार है
हमारी अस्मिता पे गुरुर है।
welcome Dhaval mahuvanagara Like · Reply · 1 · 5 mins Manage
welcome jaideep jadav Like · Reply · 1 · Just now Manage
welcome sanjay singh Like · Reply · 1 · 4 mins Manage
Welcome bharat chaudhary Like · Reply · 1 · 1 min Manage
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welcome deepak kumar gupta Like · Reply · 1 ·