बापू आज बहुत याद आएं
बापू आज बहुत याद आएं
हमने वो बातें कभी नहीं भुलाये
आज हम आझादी का पर्व मना रहे है
मनोमन अपने आप को कोस रहे है। बापू
आप हमे सत्याग्रह करने को न कहते
स्वतत्रता के नाम पर आज मुबारकबाद देते
आप जरूर कहते 'आजादी की जान से रक्षा करना'
आज हो गया है उसूल “बस आपका नाम ही भुनाना”। बापू
आज आप का नाम उन्होंने सस्ता कर दिया है
सब जगह पर अपना अड़ंगा जमा दिया दिया है
बात बात पर आपकी प्रतिमा के सामने बैठ जाते है
'सत्य की दुहाई' देते देते अपने आपको संत बताते है। बापू
बापू आप गरीबो के मसीहा थे
आप सब के चहेता और भरोसापात्र थे
आज झूठ पे झूठ बोलने का बोलबाला है
हर राजकारणी आज बड़बोला है। बापू
संसद को उन्होंने अखाडा बना दिया है
सौजन्य को मानो ताक पर रख दिया है
हर जुबान अपनी ही तारीफ के फूल बांधते है
निशाना तो haर हाल में साधते है और खरी खोटी सुनाने में लगे रहते है। बापू
'आप की खादी 'आजकल अमीरो का प्रतिक हो गयी है
मानवता अभिशाप बनकर रह गयी है
ऐसी स्वतंत्रता के लिए आप कभी सत्याग्रह ना करते
इतनी कुर्बानी करने का आग्रह कभी ना करते। बापू
हम सब इनके भाषणो के आदि हो गए है
खाली वचनो के प्रति अरुचि पैदा हो गयी है
वो दिन रोचक और सत्यता से भरपुर थे
आजकल तो हमारे सपने चकनाचूर है। बापू
Sandeep Singh likes this. Hasmukh Mehta welcome Just now · Unlike · 1
Rampal Aada likes this. Hasmukh Mehta welcome Just now · Unlike · 1
वो दिन रोचक और सत्यता से भरपुर थे आजकल तो हमारे सपने चकनाचूर है। बापू
Hasmukh Mehta welcome rampal ada elcome Just now · Edited · Unlike · 1
Rajendra Sharma likes this. Hasmukh Mehta welccome Just now · Unlike · 1
welcome Narayan joshi n be gole Just now · Unlike · 1
Very nice! ! ! ! 15 Aug by ANIRUDH SONPAL to बापू आज बहुत याद आएं... Bapu bahut
This poem has not been translated into any other language yet.
I would like to translate this poem
welcome ravpreetsingh Just now · Unlike · 1