भारत की गरीबी
भारत की गरीबी को देख पछताता मन , हर रोज एक नये चेहरे दिखाता मन कोइ घर के परेसानियो से जूझता है , कोइ पेट भरने के दानो से जूझता है
आदमी बीमार और जेब फटेहाल है, सोने वाली चिडिया का यही बूरा हाल है
भारत का हाल तो एक नवजाल है, सोने वाली चिडिया का यही बूरा हाल है
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